
छतरपुर में 22 अक्टूबर को हुए जुआ कांड के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दो शासकीय कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, एसपी अगम जैन के निर्देश पर एक पेशेवर जुआरी का पिस्टल लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
22 अक्टूबर को जुआ खेलते पकड़े गए थे 24 लोग
यह कार्रवाई 22 अक्टूबर 2025 की रात सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के बाद हुई। पुलिस ने एक स्थान से 24 लोगों को जुआ खेलते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। पकड़े गए लोगों में जल संसाधन विभाग के उपयंत्री (पीएचई में प्रतिनियुक्ति पर) ओ.पी. दुबे और शिक्षक कैलाश मिश्रा भी शामिल थे।
कलेक्टर ने 3 दिन में मांगा जवाब
इस गंभीर अनुशासनहीनता के मद्देनजर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दोनों कर्मचारियों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन दिन के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
*कलेक्टर बोले- बख्शा नहीं जाएगा*
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि “शासन की साख से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
सूत्रों के अनुसार, अजय अग्रवाल पहले भी कई बार जुआ संबंधी मामलों में पकड़ा जा चुका है और उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं

